दान कहीं से भी
खाता विवरण व्हाट्सएप पर माँगें। रसीद और काम की संक्षिप्त जानकारी देने की कोशिश रहती है।
घर बिहार में है, सहयोग देश भर से लिया जाता है।
संस्था का घर सिंहवाड़ा है, दरभंगा जिला, बिहार। यहीं बैठक होती है, यहीं शिविर की तैयारी होती है। लेकिन मदद माँगने वाला सिर्फ पास के गाँव से नहीं आता। बाहर रह रहे लोग भी फोन करते हैं, दान भेजते हैं, अपने जिले में शिविर कराने को कहते हैं। इसलिए यह साइट पूरे भारत के हिसाब से बनाई गई है।
काम का ढंग सरल रखा गया है। बिहार में मैदान की सेवा, बाकी राज्यों में सदस्य, दानदाता और जरूरत पड़ने पर शिविर सहयोग। कोई बड़ा दावा नहीं। जहाँ टीम पहुँच सकती है, वहाँ जाती है। जहाँ नहीं पहुँच पाती, वहाँ भरोसेमंद स्थानीय लोगों के साथ तालमेल किया जाता है।
दरभंगा, मधुबनी, समस्तीपुर, मुजफ्फरपुर और आसपास के गाँवों में स्वास्थ्य जाँच, शिक्षा सामग्री और राहत वितरण पर ज्यादा ध्यान रहता है। बाढ़ के दिनों में राशन-वस्त्र की जरूरत यहाँ बार-बार आती है।
सदस्यता और दान देश के किसी भी राज्य से हो सकता है। दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल, असम और महाराष्ट्र से जुड़े लोगों ने पहले भी संपर्क किया है। शिविर किसी नए जिले में तभी लगता है जब स्थानीय सहयोग और साफ हिसाब दोनों हों।
खाता विवरण व्हाट्सएप पर माँगें। रसीद और काम की संक्षिप्त जानकारी देने की कोशिश रहती है।
फॉर्म भरें। मोबाइल पर बात होगी। आईडी कार्ड स्वीकृति के बाद बनता है।
अपने इलाके में शिविर कराना हो तो जगह, तारीख और स्थानीय टीम लिखकर भेजें।
समाज की सेवा पारदर्शिता, करुणा और समर्पण के साथ करना — शिक्षा, स्वास्थ्य, समाज कल्याण, पर्यावरण और सामुदायिक विकास के माध्यम से।
एक सशक्त, समावेशी और जिम्मेदार समाज का निर्माण, जहाँ प्रत्येक व्यक्ति को सम्मान, अवसर और बेहतर जीवन का सहारा मिले।